डॉक्टर और और एम्बुलेंस के अभाव में 8 वर्षीय बच्चे की हुई मौत ग्रामीणों ने शव के साथ किया उग्र प्रदर्शन (जिले में अस्पतालों में डॉक्टर और एंबुलेंस की कमी, बिना इलाज के हो रही मौतें)
प्रदेश सत्ता
बैतूल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य में एयर एंबुलेंस सेवा चलवा रहे हैं ताकि गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक जल्द पहुंचाया जा सके, लेकिन बैतूल जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थिति इसके विपरीत है। यहां न तो मरीजों को समय पर डॉक्टर मिल पा रहे हैं और
न ही एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध हो रही है। इस लापरवाही और कुप्रबंधन के कारण गंभीर मरीजों की जान तक जा रही है, और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ध्वस्त होती नजर आ रही हैं।स्वास्थ्य सेवाओं की यह बदतर स्थिति शनिवार को भीमपुर विकासखंड के ग्राम मोहदा में सामने आई, जहां रामदीन मावस्कर के 8 वर्षीय पुत्र संस्कार की मौत इलाज के अभाव में हो गई। संस्कार को अचानक सिरदर्द और बुखार की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे मोहदा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। लेकिन वहां डॉक्टर की अनुपस्थिति में एएनएम ने प्राथमिक उपचार कर उसे भीमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया। परिजन ने 108 एंबुलेंस सेवा का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन एंबुलेंस न मिलने पर मजबूरन निजी साधन से भीमपुर अस्पताल पहुंचे। भीमपुर में उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, पर जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां भी 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई, और आखिरकार परिजनों को किराए का वाहन लेकर बैतूल जाना पड़ा। दुर्भाग्य से, बैतूल पहुंचने से पहले ही रास्ते में संस्कार ने दम तोड़ दिया।इस दर्दनाक घटना के बाद शनिवार सुबह गांव के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने मोहदा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने शव के साथ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बीएमओ और तहसीलदार को मौके पर बुलाने की मांग की। भीमपुर के तहसीलदार एच.के. ओंकार और बीएमओ दीपक निगवाल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हो सका।यह घटना न केवल बैतूल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि जब राज्य में एयर एंबुलेंस सेवाएं चलाई जा रही हैं, तो जमीनी स्तर पर इतनी बुनियादी सेवाएं क्यों नहीं मिल रही हैं? जबकि बैतूल जिले में भाजपा के पांच विधायक और एक सांसद है जो कि अब केंद्रीय मंत्री भी है फिर भी आज भी ग्रामीण अंचलों में एंबुलेंस समय पर ना पहुंच पाने और इलाज में मिलने के कारण लोग काल के गाल में समा जा रहे हैं।