नल जल योजना में भारी भ्रष्टाचार
,पीएचई विभाग और ठेकेदारों ने स्कूलों में नल जल योजना को लगाया पलीता मासूम बच्चों से दूर किया पानी,
प्रदेश सत्ता ब्यूरो मोहन प्रजापति
भैंसदेही।देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नल जल मिशन योजना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है बैतूल जिले के कार्यपालन यंत्री शेकवार तथा उनके अधीनस्थ एसडीओ और ठेकेदारों ने जिस तरह से नल जल मिशन योजना को पलीता लगाया है वह देखते ही बनता है इन अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कोई भी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक उच्चाधिकारी कुछ कर नहीं पा रहे हैं पीएचई विभाग का एक ताजा मामला बैतूल की तहसील भैंसदेही से सामने आया है ।आदिवासी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले तहसील क्षेत्र के बानूर डेडवा कुंड मालिनी जैसे आधा सैकड़ा से अधिक स्कूलों में नल जल योजना के तहत कराए गए कार्यों में भारी भ्रष्टाचार पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री शेकवर एवं एसडीओ सीताराम कालम्बे एवं ठेकेदार की मिली भगत से किया गया है भ्रष्टाचार की सारी सीमाओं को लांघकर ठेकेदार ने क्षेत्र के स्कूलों में नल जल योजना में घटिया किस्म की सामग्री का उपयोग कर ठेकेदार द्वारा सिर्फ स्कूलों में खाना पूर्ति के नाम पर कार्य किया है स्कूल टीचर द्वारा बताया गया है कि नल जल योजना का कार्य 2 वर्ष से पहले हुआ था किंतु नल में पानी सिर्फ 15 ही दिन आया और नल जल योजना समाप्त हो गई है जिसमें वर्षों बीत जाने के बाद भी आज तक पानी नहीं आया है इसके कारण स्कूल के बच्चे घर से पानी लेकर आते हैं तथा गांव में लगे दूर हेड पंप से पीने के लिए अपनी स्कूल में लेकर आते हैं जनता के पैसों का पीएचई विभाग के अधिकारीयों कर्मचारियों द्वारा अपनी जेब गर्म कर योजना को धरातल पर उतार कर सिर्फ जनता के सामने दिखावा किया है और प्रदेश में बैठी डबल इंजन की सरकार के क्षेत्रीय नेता भी चंद रुपए की लालच में अपनी आंख बंद कर बैठे है वही डबल इंजन की सरकार के मुखिया मोदी जी पूरे देश में 56 इंच का सीना ठोक कर कहते हैं कि मैं खाऊंगा ना खाने दूंगा लेकिन उनकी नौकरशाही ने भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार का ऐसा डबल इंजन चलाया है कि जनता की आंखें भ्रष्टाचार को देखकर खुली की खुली रह जाती है क्षेत्र वासियों ने कलेक्टर एवं क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह से मांग की है कि विधानसभा के समस्त स्कूलों में नल जल योजना को अति शीघ्र सुचारू रूप से प्रारंभ किया जाए जिससे स्कूल में आने वाले बच्चों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।
