मध्यप्रदेश में पहली बार ई-कैबिनेट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में ऐतिहासिक मंत्रि-परिषद बैठक टैबलेट से चली कैबिनेट, हजारों करोड़ के विकास प्रस्तावों पर मुहर
[दैनिक प्रदेश सत्ता Pradeshsatta.in
भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश की पहली ई-कैबिनेट का सफल आयोजन हुआ। इस अवसर पर सभी मंत्रि-परिषद सदस्यों को डिजिटल टैबलेट प्रदान किए गए, जिससे शासन की कार्यप्रणाली पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हुई।
बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि ई-प्रशासन नवाचार नहीं, बल्कि सुशासन की अनिवार्यता है। नई व्यवस्था से निर्णय प्रक्रिया में तेजी, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
*ई-कैबिनेट एप्लीकेशन का प्रेजेंटेशन*
बैठक में ई-कैबिनेट एप्लीकेशन को लेकर महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन दिया गया। डिजिटल प्रणाली की सरलता और दक्षता से मंत्रि-परिषद सदस्य विशेष रूप से प्रसन्न नजर आए। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस में अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा करती है।
*बुरहानपुर को बड़ी सौगात:* 2,598 करोड़ से अधिक की सिंचाई योजनाएं स्वीकृत
*झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना*
लागत: 922 करोड़ 91 लाख रुपये
लाभ: खकनार तहसील के 42 गांव
सिंचाई क्षेत्र: 17,700 हेक्टेयर
लाभान्वित कृषक परिवार: 11,800
*नावथा वृहद सिंचाई* परियोजना
लागत: 1,676 करोड़ 6 लाख रुपये
लाभ: 90 गांव
सिंचाई क्षेत्र: 34,100 हेक्टेयर
लाभान्वित कृषक परिवार: 22,600
इन दोनों परियोजनाओं से बुरहानपुर जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
*ग्रामीण सड़कों के लिए ऐतिहासिक निवेश*
मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निरंतरता के लिए
17,196 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।
साथ ही ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन हेतु
*10,196 करोड़ 42 लाख रुपये मंजूर किए गए।*
*पीएम जनमन योजना को मिली मंजूरी*
विशेष जनजातियों के सशक्तिकरण के लिए पीएम जनमन योजना को
1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई।
कुल व्यय: 795 करोड़ 45 लाख रुपये
निर्माण: 1,039 किमी सड़कें, 112 पुल
लाभार्थी: बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियां
लागू जिले: 22 जिले
*सिंचाई परियोजनाओं के लिए नई वित्तीय व्यवस्था*
राज्य की सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति भी मंत्रि-परिषद ने प्रदान की।
*खनन क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश अग्रणी*
बैठक में यह भी बताया गया कि खनन क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है, जिससे राजस्व और रोजगार दोनों में वृद्धि हो रही है।
*निष्कर्ष*
ई-कैबिनेट की शुरुआत, हजारों करोड़ की विकास योजनाएं और डिजिटल प्रशासन की ओर ठोस कदम—
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह कैबिनेट बैठक प्रदेश के विकास का मील का पत्थर साबित होगी।
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