संपूर्ण जिले में सट्टा बंद बावजूद इसके पीथमपुर में चालू, चलते फिरते मोबाइल पर ले रहे सट्टा पर्ची नहीं है शासन प्रशासन का कोई ख़ौफ़
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र बना सटोरियों का अड्डा निगरानी सुधा गुंडे और जिला बदर सटोरिए नई तकनीक से चला रहे हैं सट्टे का कारोबार पहले की तुलना में अब तीनों ठियो पर दो दो राईटरों की मदद से लिख रहे हैं सट्टा पर्ची। मोबाइल व्हाट्सएप पर ले रहे हैं सट्टा पर्ची चलते फिरते चल रही है सट्टे की दुकान। आपको बता दें की आईजी के आदेश की उड़ रही धज्जियाँ। पुलिस आखिर इन सटोरियों पर मेहरबान क्यों। जिले में आदर्श आचार संहिता के बावजूद भी सटोरीयो का काम जारी। जल्द हो सकती है सटोरियों पर जिला बदर की कार्रवाई।
गौरतलब हो कि औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के कुख्यात सटोरिए (धीरेंद्र जयसवाल) (चीका जायसवाल)( राजेंद्र जयसवाल) पीथमपुर थाना सेक्टर 1 की गुंडा

लिस्ट में शामिल है। इन सभी सटोरियों पर दर्जनों अपराध दर्ज है,पूर्व में कई बार यह लोग जिला बदर भी हो चुके हैं। वही करीब एक माह पूर्व आईजी की टीम द्वारा इन पर नकेल भी कसी गई थी। उसके बाद सट्टा पुरी तरह बंद कर दिया था। लेक़िन एक बार फिर से सट्टा शूरू
हो गया है। हालांकि पहले की तुलना में अभी सट्टे का स्वरूप जरूर बदला है। सट्टा अभी भी पूर्णता बंद नहीं हुआ है सटोरियो ने नई तकनीक खोज ली है। व्हाट्सएप और फोन पर सट्टा चला रहे हैं। अगर देखा जाए मौके पर तो तीनों सटोरियों के अड्डों पर दो-दो राईटर टेबल लगा कर बैठे हुए हैं। सट्टा पर्ची का काम धड़ले से चला रहे हैं पुलिस आखिर इन सटोरियों पर इतनी मेहरबान क्यों है आख़िर क्यों इन सटोरीयो को पुलिस जिलाबदर जैसी कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि जिले भर में बड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही है। वही धार पुलिस कप्तान के आदेश अनुसार आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश है। धार पुलिस कप्तान जिले भर में लगातार बड़ी सफलताएं हासिल कर रहे हैं गुंडे और माफियाओं पर नकेल कसने में कामयाब रहे हैं। वही पीथमपुर के इन सटोरियों पर कार्रवाई नहीं होने से धार पुलिस कप्तान की छवि खराब होती जरूरी दिखाई दे रही है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों की हेड लिस्ट में पीथमपुर सटोरिया पर संभावित जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
