मध्य प्रदेश

शासन के खिलाफ12 हजार कर्मचारी, अधिकारी और प्रोफेसर हड़ताल पर

 भोपाल

प्रदेश में संचालित 9 पारंपरिक विश्वविद्यालयों में आज से कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया है। उन्होंने अपनी 9 मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है। इसके चलते आज से विश्वविद्यालय के कर्मचारी, अधिकारी और प्रोफेसर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए  हैं। ये हड़ताल मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन तक जारी रहेगी।

शासन और प्रशासन विवि में कार्यरित 12 हजार कर्मचारी, अधिकारी और प्रोफेसरों की मांगों पर गौर नहीं कर रही है। इसलिए उन्हें मजबूरन हड़ताल के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। इसका असर प्रदेश में संचालित 9 विश्वविद्यालयों में प्रवेशरत 20 लाख विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। उनकी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके बाद भी शासन उनकी मांगों पर फोकस करने को तैयार नहीं हैं। जबकि उच्च शिक्षामंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनकी मांगों को उचित ठहरा रहे हैं। मामला वित्त विभाग की मंजूरी पर अटका हुआ है। इससे आंदोलनकारी उग्र होते जा रहे हैं। आज से संघर्ष समिति के पदाधिकारी प्रो. कालिका यादव, पूर्व रजिस्ट्रार बी भारती, सचिव लखन सिंह परमार क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

कर्मचारी, अधिकारी और प्रोफेसरों की मांगों को लेकर शासन स्तर पर चर्चा चल रही है। सभी के अधिकारियों को देखते हुए मांगों पर निर्णय लिया जाएगा।  
– डॉ मोहन यादव, उच्च शिक्षा मंत्री मप्र शासन

कर्मचारी, अधिकारी और प्रोफेसर जब सबसे ज्यादा परेशान होता है। तब वह आंदोलन करने सड़क पर उतरता है। इसलिए संघ आज से भूख हड़ताल पर बैठ रहा है।
डॉ बी  भारती, पूर्व रजिस्ट्रार, बीयू

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