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AI की ओर बढ़ने लगे आईटी कंपनियों के कदम, विप्रो, TCS और अब इंफोसिस…

मुंबई

दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरे पर छिड़ी बहस के बीच देश की दिग्गज आईटी कंपनियां इस पर बड़े पैमाने पर खर्च करने के मूड में नजर आ रही हैं। बीते दिनों देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो लिमिटेड ने अपने सभी 2.5 लाख कर्मचारियों को AI में प्रशिक्षित करने और प्रोडक्ट्स की पेशकश में इस टेक्नोलॉजी को अपनाने पर एक अरब डॉलर खर्च करने का ऐलान किया था।

2 बिलियन डॉलर खर्च: अब इंफोसिस ने ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन डेवलपमेंट के लिए अपने मौजूदा स्ट्रेटेजिक ग्राहकों में से एक के साथ डील का ऐलान किया है। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि 5 वर्षों में कुल ग्राहक लक्ष्य खर्च 2 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है। इंफोसिस ने इस डील को लेकर डिटेल में जानकारी नहीं दी लेकिन माना जा रहा है कि 20 जुलाई को तिमाही नतीजों के ऐलान के साथ ही विस्तार से बताया जाएगा।

इससे पहले मई महीने में इंफोसिस ने Topaz लॉन्च किया था। यह कंपनी की नई पेशकश थी, जो डाटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जेनेरेटिव एआई को जोड़ती है।

टीसीएस भी एक्टिव: आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) एक उभरती हुई तकनीक जेनेरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जेन-AI) पर बड़ा दांव लगा रही है, क्योंकि इसे पहले ही ग्राहकों से 100 से अधिक ऑफर मिल चुके हैं। टीसीएस अपने 65,000 डोमेन विशेषज्ञों की मदद का इस्तेमाल करेगी, जो आईटी कंपनी के पास अलग-अलग उद्योगों में हैं।

विप्रो का भी प्लान: विप्रो लिमिटेड ने अपने सभी 2.5 लाख कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित करने और उत्पादों की पेशकश में इस टेक्नोलॉजी को अपनाने पर एक अरब डॉलर खर्च करने का ऐलान किया है। विप्रो ने कहा कि अगले तीन वर्षों में खर्च की जाने वाली इस राशि का एक हिस्सा क्लाउड, डेटा एनालिटिक्स, परामर्श, इंजीनियरिंग टीम के 30,000 कर्मचारियों को एक साथ लाकर सभी आंतरिक परिचालन और ग्राहकों को दिए जाने वाले सॉल्युशन में इस टेक्नोलॉजी को अपनाने पर खर्च किया जाएगा।

 

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