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यूपी अब ‘फियर जोन’ नहीं, ‘फेथ जोन’: सीएम योगी का विधान परिषद में बड़ा बयान

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश 'फियर जोन' से 'फेथ जोन' में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने कहा, “न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है।” सीएम योगी ने सदन में राज्यपाल के प्रति कथित अभद्र व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए कहा कि संवैधानिक प्रमुख का सम्मान करना हम सबका दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का आचरण उसकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है।

 उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव और अविश्वास से आत्मविश्वास तक की यात्रा तय की है। डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और निर्णायक नेतृत्व ने शासन-प्रशासन की दिशा बदली है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ। पहले 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' जैसी स्थिति थी, गुंडा टैक्स और अवैध वसूली आम बात थी, जबकि अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज 'टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन' के मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और एआई के क्षेत्र में नई दिशा तय कर रहा है और उत्तर प्रदेश भी उसी सोच के अनुरूप आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस राज्य बनने की ओर अग्रसर है और निवेश, नवाचार व पारदर्शिता का केंद्र बन रहा है। सीएम योगी ने कहा, “विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक स्वार्थ में राष्ट्र प्रतीकों और आस्था स्थलों का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का विकास और प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों का कायाकल्प नई पहचान का प्रतीक है। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के केंद्र भी हैं।

मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के स्मारक और विश्वविद्यालय, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थापना सहित सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ और माघ मेले का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी सुशासन और सुरक्षा पर बढ़े विश्वास का प्रमाण है। जो प्रदेश पहले दंगों के लिए जाना जाता था, वह आज दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव के लिए पहचाना जा रहा है।

सीएम ने बताया कि पिछले वर्षों में 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई, जिनमें 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट, साइबर थाने, फॉरेंसिक लैब और आधुनिक पुलिसिंग मॉडल से कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। प्रदेश में 12 अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब संचालित हैं और सभी 75 जिलों में फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था की गई है। पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित करने और तीन महिला बटालियन- वीरांगना झलकारी बाई, अवंती बाई और ऊदा देवी- के गठन का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय, अराजकता और अविश्वास की पहचान से निकलकर विकास, निवेश, आस्था और आत्मविश्वास के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

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