छत्तीसगढ़

एक्सीडेंट के बाद इलाज की चिंता खत्म—पीड़ितों को 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपए तक कैशलेस सुविधा

रायपुर

पीएम राहत योजना के तहत प्रावधान

परिवहन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने आज सभी जिले के पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और डायल 112 के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में सचिव  एस. प्रकाश ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को योजना के तहत 7 दिनों तक अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेस उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जाए। 

परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1000 अधिकृत अस्पतालों के साथ-साथ अन्य सक्षम अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों के उपचार संबंधी भुगतान 10 दिनों के भीतर कर दिए जाएं।

परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने अधिकारियों से कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए जिलों में आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि सड़क दुर्घटना में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि यदि दुर्घटना होती है, तो घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित उपचार मिलना अत्यंत आवश्यक है। योजना का उद्देश्य इसी महत्वपूर्ण समय में उपचार उपलब्ध कराकर पीड़ितों की जान बचाना है। राज्य सरकार द्वारा योजना के त्वरित क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर और निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सकेगा, जिससे अनेक बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकेंगे।

बैठक में एनआईसी के राज्य अधिकारी  अरविंद यादव और  अमित देवांगन ने पावर पॉइंट के माध्यम से प्रस्तुति और वीडियो के माध्यम से योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, डायल 112 और जिला प्रशासन की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वर्चुअल बैठक में बस्तर, मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी सहित सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उप परिवहन आयुक्त  मनोज कुमार ध्रुव तथा अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) से  दिनेश टांक भी उपस्थित थे।

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