मध्य प्रदेश

महिला बाल विकास विभागों के नवाचारों की सराहना

भोपाल 

केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास की अतिरिक्त सचिव कैरोलिन खोंगवार देशमुख ने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ लाभार्थियों तक सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करना प्रशासनिक तंत्र की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। मंगलवार को भोपाल प्रवास के दौरान उन्होंने यह बात महिला एवं बाल विकास संचालनालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कही, जहाँ उन्होंने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पोषण 2.0, मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य की प्रगति का विश्लेषण किया। खोंगवार ने विभागीय नवाचारों की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता और गतिशीलता को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।

देशमुख ने मैदानी स्तर पर व्यवस्थाओं को परखने के लिए भोपाल जिले के विभिन्न केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने ईंटखेड़ी परियोजना के जेपी नगर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का अवलोकन किया, जहाँ बच्चों के साथ सीधा संवाद कर उनकी शिक्षा और पोषण के स्तर को समझा। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शगुफ्ता खान ने उन्हें अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और SRF फाउंडेशन के सहयोग से तैयार किए गए शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) के उपयोग से बच्चों के सर्वांगीण विकास में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं और केंद्र में बच्चों की उपस्थिति में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

निरीक्षण के दौरान देशमुख ने आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित 'बाल चौपाल' में हिस्सा लेकर पाँच बच्चों का जन्मदिवस मनाया और उन्हें उपहार वितरित किए। केंद्र में स्थापित उदिता कॉर्नर और न्यूट्री कॉर्नर के साथ-साथ उन्होंने वहां विकसित की गई पोषण वाटिका की भी प्रशंसा की, जहाँ सहजन, टमाटर, बैंगन और लौकी जैसी सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाडली लक्ष्मी योजना और पोषण ट्रैकर ऐप के प्रभावी उपयोग पर कार्यकर्ताओं से चर्चा की और उनके समर्पण भाव की सराहना की।

देशमुख ने जेपी अस्पताल परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर और जवाहर बाल भवन स्थित सखी निवास का निरीक्षण कर महिलाओं को दी जाने वाली सुरक्षा और आश्रय सुविधाओं का जायजा लिया।

 

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