देश

चंद महीनों में रिकॉर्ड आवेदन, 14 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को मिला शादी अनुदान का लाभ

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संचालित शादी अनुदान योजना बेटियों के विवाह में बड़ी आर्थिक राहत बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के महज कुछ महीनों में ही इस योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त होने के साथ ही अब तक 14 हजार से अधिक पात्र बेटियों को योजना का लाभ भी मिल चुका है। इससे स्पष्ट है कि सरकार की योजनाएं तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से पात्र पाए गए 14,717 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। इसके लिए 29.43 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा गया है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था के कारण लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के समय पर सहायता मिल रही है।

1.05 लाख आवेदकों को लाभ देने का लक्ष्य 

योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 लाख 5 हजार पात्र आवेदकों को शादी अनुदान योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शुरुआती महीनों में ही बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होना इस बात का संकेत है कि योजना के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है। सरकार का प्रयास है कि पात्र परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराकर बेटियों के विवाह से जुड़ी आर्थिक परेशानियों को कम किया जाए। बेटी की शादी अक्सर सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है। ऐसे में योगी सरकार की शादी अनुदान योजना इन परिवारों के लिए संबल बनकर सामने आई है। 

प्रति बेटी 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता

योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। पूरी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है। इसके अलावा विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित तथा भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।

सभी पात्र लाभार्थियों को दिया जा रहा लाभ

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि शादी अनुदान योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। मात्र कुछ महीनों में ही 82 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। जिसमें पात्र आवेदकों को लाभ दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में महत्वपूर्ण सहयोग दे रही है तथा योगी सरकार पिछड़े वर्ग के उत्थान और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

Related Articles

Back to top button