जिम्बाब्वे में फिर गरजेगा वैभव सूर्यवंशी का बल्ला? छक्कों का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर नंबर-1 बनने का सुनहरा मौका

नई दिल्ली
इंग्लैंड दौरे के फ्लॉप प्रदर्शन को पीछे छोड़कर वैभव सूर्यवंशी के पास अब एक नई शुरुआत करने का मौका है. जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में वैभव के बल्ले से रनों का अंबार देखने को मिल सकता है. इंग्लैंड में शॉर्ट गेंदों के खिलाफ मिली असफलता से सबक लेते हुए वैभव ने अपनी कमियों पर कड़ी मेहनत की है. अब जिम्बाब्वे की पिचों पर उनकी नजरें फॉर्म हासिल कर टीम में अपनी जगह सुनिश्चित करने पर होगी।
11 छक्के लगाते ही रच देंगे इतिहास
वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अब तक अपने टी-20 करियर की 37 पारियों में 139 छक्के जड़ दिए हैं. जिम्बाब्वे के खिलाफ अगर वह 11 छक्के लगाने में कामयाब हो जाते हैं तो वह टी20 क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज 150 छक्के पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे. मौजूदा समय में यह वर्ल्ड रिकॉर्ड यूएई के मोहम्मद वसीम के नाम दर्ज है, जिन्होंने 66 पारियों में यह मुकाम हासिल किया था।
एक साथ कई दिग्गजों को पछाड़ सकते हैं वैभव
सबसे कम टी20 पारियों में 150 छक्के लगाने के मामले में मोहम्मद वसीम टॉप पर हैं. उन्होंने 150 छक्के लगाने के लिए 66 पारियों का सहारा लिया. इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर वेस्टइंडीज के इविन लुईस का नाम है. लुईस ने 70 टी20 पारियों में 150 छक्के पूरे किए थे. जबकि क्रिस गेल ने ऐसा करने के लिए 72 पारियों का समय लिया था. भारत की तरफ से सूर्यकुमार यादव ने यह रिकॉर्ड 86वीं पारी में पूरी की थी. अब वैभव के पास इन सबको पछाड़ने का मौका होगा।
जिम्बाब्वे की सरजमीं पर वैभव का रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी के लिए जिम्बाब्वे कोई नया मैदान नहीं है. यहां की पिचें और परिस्थितियां उन्हें बेहद रास आती हैं. उन्होंने जिम्बाब्वे में खेले गए 7 यूथ वनडे मैचों में 62.71 की शानदार औसत और 169.49 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से 439 रन बनाए हैं. इसी सरजमीं पर उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ महज 80 गेंदों में यूथ वनडे इतिहास की सबसे बड़ी 175 रन की पारी खेली थी. जिम्बाब्वे में वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से अब तक 41 चौके और 30 छक्के आए हैं. ऐसे में टी20 सीरीज के दौरान फैन्स का उनसे 11 छक्कों की उम्मीद करना बेईमानी नहीं होगी।
इंग्लैंड दौरे पर वैभव का बल्ला शांत रहा था, जहां विपक्षी गेंदबाजों ने उन्हें शॉर्ट गेंदों पर काफी परेशान किया. इस कमजोरी से उबरने के लिए वैभव ने जिम्बाब्वे रवाना होने से पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) के सपोर्ट स्टाफ के साथ प्रैक्टिस सेशन में भाग लिया।



