राजनीतिक

MP में BJP का ‘Plan Gen-Z’! निकाय चुनाव में युवाओं को मिलेगा मौका, दिखेगा ‘पीढ़ी परिवर्तन’

भोपाल 

देश और दुनिया में Gen-Z के बीच बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और हालिया युवा आंदोलनों के बीच बीजेपी भी नई पीढ़ी से सीधे जुड़ने की तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि बीजेपी युवाओं से कनेक्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि इसके लिए पार्टी की ओर से विशेष अभियान चलाए जाने की रणनीति बनाई जा रही है. इसका मकसद युवाओं को संगठन से जोड़ना और पार्टी की नीतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है. वहीं प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि हम निकाय और पंचायत के चुनावों में नए चेहरे, युवाओं को मौका देंगे। 

कांग्रेस ने भी भरी हुंकार
बीजेपी की इस रणनीति पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी युवाओं के नाम पर केवल राजनीतिक सम्मेलन और अभियान करती है, लेकिन युवाओं के लिए रोजगार और राजनीतिक भागीदारी के वास्तविक अवसर नहीं देती. कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया का कहना है कि बीजेपी युवाओं के साथ छलावा कर रही है. पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा और अब टिकट देने के नाम पर भी सिर्फ बातें की जा रही हैं. कांग्रेस ने वास्तव में युवाओं को आगे बढ़ाया है टिकट दिया है. निकाय पंचायत के चुनाव में भी टिकट देंगे। 

युवाओं का दिल जीतने की चुनौती
बीजेपी के सामने निकाय चुनाव में युवाओं की नाराजगी और संभावित एंटी-इनकंबेंसी से निपटने की चुनौती भी है. ऐसे में पार्टी पुराने चेहरों की जगह युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौका देकर नई ऊर्जा के साथ चुनाव मैदान में उतरना चाहती है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक नगरीय निकाय चुनावों में ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है, जो लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे हैं. स्थानीय स्तर पर युवाओं के बीच पकड़ रखते हैं. बीजेपी का मानना है कि नए चेहरों को मौका देने से संगठन में भी नई ऊर्जा आएगी और युवा मतदाताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जा सकेगा। 

दोनों पार्टियों ने किया युवाओं के साथ होने का दावा
वहीं कांग्रेस ने दावा किया कि उसने हमेशा युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने का काम किया है और नगरीय निकाय चुनाव में भी पार्टी युवा चेहरों को टिकट देकर उन्हें नेतृत्व का मौका देगी. अब देखना होगा कि बीजेपी का ‘प्लान Gen-Z’ और ‘पीढ़ी परिवर्तन’ का फॉर्मूला निकाय चुनाव में कितना असरदार साबित होता है और क्या युवा चेहरों पर दांव लगाकर पार्टी जीत की सीढ़ी चढ़ पाती है या नहीं। 

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