मध्य प्रदेश

ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव मंदिर का प्रशासन ने लिया नियंत्रण, दानपेटियां सील; अधिकारी करेंगे निगरानी

ग्वालियर
 अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास का संचालन अब जिला प्रशासन के हाथों में पहुंच गया है। रविवार के दिन जिला प्रशासन के अधिकारी अचलनाथ दरबार पहुंचे और तीन घंटे से ज्यादा पूरी व्यवस्थाओं को देखा व रिकार्ड से लेकर दानपेटियों की पूरी जानकारी ली। दानपेटियों को प्रशासन ने अपनी सील से बंद कर दिया, यह प्रशासन द्वारा ही खुलेगा। एडीएम सीबी प्रसाद सहित लश्कर एसडीएम नरेंद्रबाबू यादव व अन्य अधिकारियों ने पूर्व व्यवस्थापकों से जानकारी भी ली।

अब चुनाव तक पंजीयक लोक न्यास की ओर से व्यवस्स्थाएं देखी जाएंगी। इस मामले में पूर्व जस्टिस एनके मोदी की अध्यक्षता वाली कमेटी को अब हटा दिया गया है, कोर्ट के आदेश पर 2005 के आदेश का पालन किया जा रहा है। अचलेश्वर मंदिर को लेकर अब कोर्ट में अलगी सुनवाई 18 अगस्त को है।

कोर्ट ने जारी किया बड़ा आदेश
अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के संचालन और चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में नवम जिला न्यायाधीश ग्वालियर की अदालत ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने मंदिर परिसर में आने वाले दान और न्यास के बैंक खातों की निगरानी प्रशासन के हाथों में सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही न्यास के सुचारू संचालन के लिए चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। प्रकरण की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से चुनाव कराए जाने की आवश्यकता जताई गई। अदालत ने उच्च न्यायालय के 15 जून 2026 के आदेश का अवलोकन करते हुए कहा कि पूर्व में दिए गए आदेश को निरस्त किया जा चुका है और शीघ्र चुनाव कराया जाना आवश्यक है।

व्यवस्थाएं जल्द होंगी बेहतर: याचिकाकर्ता
अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत निर्देश दिए कि मंदिर परिसर में प्रतिदिन आने वाले दान को दान पेटियों में एकत्र किया जाए और उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सील किया जाए। किसी अन्य व्यक्ति को दान पेटियां खोलने की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित समय पर अधिकारियों की मौजूदगी में दान पेटियां खोली जाएंगी और प्राप्त राशि मंदिर न्यास के खाते में जमा कराई जाएगी। याचिकाकर्ता संतोष राठौर ने बताया कि अचलेश्वर मंदिर की व्यवस्थाएं जल्द बेहतर होंगी इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

यह भी कोर्ट के निर्देश
    अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के विभिन्न बैंकों में संचालित सभी खातों को प्रशासन अपनी निगरानी में किसी सक्षम अधिकारी के माध्यम से संचालित कराएगा।
    मंदिर के आवश्यक खर्च का विवरण लेखा पुस्तिका में दर्ज करना होगा। मंदिर की आय-व्यय से संबंधित अभिलेख भी प्रशासन अपने कब्जे में लेगा, ताकि उनमें किसी तरह की अवांछित प्रविष्टि न की जा सके।

    अदालत ने लोक न्यास पंजीयक, कलेक्टर ग्वालियर को मंदिर के लेखा-जोखा से संबंधित प्रतिवेदन प्रत्येक 15 दिन में अदालत और प्रकरण के पक्षकारों के अवलोकन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह अंतरिम आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा।

प्रशासन ने अपने अंतर्गत ली हैं व्यवस्थाएं
कोर्ट के निर्देश पर अचलेश्वर न्यास की व्यवस्थाओं को प्रशासन ने अपने अंतर्गत लिया है और चुनाव न होने तक प्रशासन,पुलिस व अन्य विभागों के अधिकारी जो तय हैं वे व्यवस्थाएं देखेंगे। रूटीन में भी अधिकारी जाएंगे। – सीबी प्रसाद, एडीएम।

 

Related Articles

Back to top button