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CRPF में 29 साल बाद लौटेंगी लांस नायक और नायक रैंक, जवानों को मिलेगा प्रमोशन का मौका

 नई दिल्ली

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में करीब 29 साल बाद लांस नायक और नायक रैंक फिर से शुरू करने की तैयारी हो रही है. CRPF मुख्यालय ने इसका प्रस्ताव सभी यूनिटों को भेजा है और जवानों से 48 घंटे के अंदर सुझाव मांगे हैं. इसका मकसद जवानों को प्रमोशन के ज्यादा मौके देना, उनका मनोबल बढ़ाना और प्रमोशन में हो रही देरी को कम करना है। 

लांस नायक और नायक रैंक को साल 1997 में CRPF में खत्म कर दिया गया था. उस समय इन्हें सिपाही और हेड कांस्टेबल के रैंक में मिला दिया गया था. हालांकि, ये दोनों रैंक अभी भी सेना में हैं। 

प्रस्ताव के मुताबिक, CRPF में 5 साल की सेवा पूरी करने पर जवान को लांस नायक और 10 साल की सेवा पूरी करने पर नायक का रैंक दिया जा सकता है. इसके बाद 15 साल की सेवा पूरी होने पर हेड कांस्टेबल के पद पर प्रमोशन देने की योजना है। 

प्रमोशन में लगता है इतने साल का समय
फिलहाल CRPF में सिपाही को पहली बार प्रमोशन मिलने में औसतन 22 से 25 साल लग जाते हैं. जवानों के बीच प्रमोशन में इस देरी को लेकर शिकायतें भी रही हैं. नए रैंक शुरू होने से हेड कांस्टेबल बनने से पहले जवानों को दो और प्रमोशन मिल सकेंगे. इससे उनकी शिकायतें दूर करने और मनोबल बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। 

करीब 3.25 लाख जवानों वाली CRPF में यह बदलाव सेना से रिटायर होने वाले अग्निवीरों के लिए भी नौकरी को बेहतर बनाने के मकसद से किया जा रहा है. अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के अंत में रिटायर होना शुरू होगा. इसके बाद वे CRPF समेत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में नौकरी के लिए पात्र होंगे। 

फिलहाल CAPF में सिपाहियों की वर्दी पर वरिष्ठ सिपाही का बैज लगाने की व्यवस्था है, जिसे लांस नायक के बराबर माना जाता है. लेकिन नायक रैंक की कोई व्यवस्था नहीं है। 

प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अभी नहीं
पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों के संगठन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि जवानों को इसका फायदा तभी मिलेगा, जब प्रमोशन समय पर मिले. वहीं, एक वरिष्ठ CRPF कमांडेंट ने कहा कि इन रैंकों को सिर्फ नाम के लिए शुरू नहीं किया जाना चाहिए. इससे बटालियन में अनुशासन और कामकाज पर भी असर पड़ता है, इसलिए इस बात का ध्यान रखना जरूरी है. प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है, जवानों से सुझाव मिलने के बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा। 

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