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सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 8वें वेतन आयोग पर आ गया अपडेट

नई दिल्ली

 लोकसभा चुनाव 2024 से पहले 8वें वेतन आयोग की उम्मीद में बैठे सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। वित्त विभाग की तरफ से अब साफ हो चुका है कि अब तक  सरकार ने अब तक ऐसी कोई योजना नहीं बनाई है। ऐसा कहा जा रहा है कि चुनावों के नजदीक आते ही वित्त मंत्रालय पर 8वां वेतन आयोग गठित करने और उसे अधिसूचित करने का राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

वित्त सचिव ने फिलहाल 8वें वेतन आयोग की योजना से इनकार किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा, '8वां वेतन आयोग गठित करने के संबंध में फिलहाल कोई योजना नहीं है।

वित्त सचिव ने फिलहाल 8वें वेतन आयोग की योजना से इनकार किया है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा, '8वां वेतन आयोग गठित करने के संबंध में फिलहाल कोई योजना नहीं है। अभी इसके बारे में कुछ तय नहीं है।' आंकड़े बताते हैं कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेशनधारकों की संख्या 50 लाख से ज्यादा है।

दरअसल, चुनाव आने से पहले सरकारें केंद्रीय कर्मचारियों, सशस्त्र बलों और पेंशनधारकों को लुभाने के लिए वेतन आयोग का इस्तेमाल करती रही हैं। कांग्रेस की अगुवाई वाली यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायंस यानी UPA ने साल 2013 में आम चुनाव के कुछ महीनों पहले ही 7वां वेतन आयोग गठित किया था।

पेंशन पर भाजपा का ध्यान
खास बात है कि फिलहाल भाजपा ने अब तक ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया है। खबरें हैं कि भाजपा सरकार न्यू पेंशन स्कीम या NPS की समीक्षा पर ध्यान लगा रही है। खास बात है कि हाल ही में संपन्न हुए कर्नाटक, हिमाचल  प्रदेश विधानसभा चुनावों में बड़े मुद्दे के तौर पर सामने आया। इसके अलावा पांच राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, मिजोरम, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी दलों ने NPS और OPS यानी ओल्ड पेंशन स्कीम को मुद्दे को जमकर उठाया।

सरकार की ओर से एक समिति भी गठित की गई है, जो इसकी समीक्षा करेगी। वित्त सचिव समिति की अगुवाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया, 'हमने सभी संबंधित लोगों से विचार विमर्श कर लिया है और हम जल्द ही रिपोर्ट दाखिल कर देंगे।' संभावनाएं जताई जा रही हैं कि सरकार इसमें कुछ बदलाव भी कर सकती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर्मचारी को आखिरी वेतन का कम से कम 40 से 45 फीसदी मिले। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

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