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चारों ओर फैला खाने का सामान, बोगियों के बीच चिपके मिले शव, भयानक था मंजर

ओडिशा
ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार को बड़ा रेल हादसा हुआ, जिसमें अब तक 230 से ज्यादा लोगों की जान गई है। घटना के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अभी तक 900 से ज्यादा घायलों को निकाला गया, जबकि कई लोग अभी भी बोगियों के नीचे फंसे हैं। हादसे में बचे लोग अस्पताल में अपनी आपबीती सुना रहे। घटना शुक्रवार शाम 6.51 बजे की है। उस वक्त कोरोमंडल एक्सप्रेस में लोग नाश्ता कर रहे थे। तभी अचानक तेज आवाज आई, जब तक लोग कुछ समझ पाते, चारों ओर चीख-पुकार मच गई थी। कुछ देर बाद ही बचावकर्मी वहां पर पहुंच गए, उनको चारों ओर खौफनाक मंजर नजर आ रहा था। ट्रेन की बोगी में चारों ओर खाने की चीजें बिखरी पड़ी थीं। इसके अलावा लोगों के सामान और जूते भी लावारिश पड़े थे। कुछ शव तो बोगियों के बीच चिपके पड़े मिले, ऐसे में बचाव दल ने गैस कटर का इस्तेमाल किया और उनको निकाला।

एसी कोच के यात्रियों को ज्यादा नुकसान
रेलवे के मुताबिक हादसे के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन का बी2 से बी9 तक के कोच पलट गए, जबकि इंजन और बी1 कोच पटरी से उतर गए। ऐसे में एसी में हताहत यात्रियों की संख्या ज्यादा है। वहीं घटना के बाद एच1 और जीएस कोच ट्रैक पर ही रहा।

शवों की शिनाख्त मुश्किल
कुछ शव काफी ज्यादा क्षत विक्षत हो गए हैं। ऐसे में उनकी पहचान करने में मुश्किल आ रही। घटना के बाद एनडीआरएफ के साथ भारतीय सेना की भी टीम पहुंच गई। बोगियों के नीचे खोज अभियान पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा, ताकि वहां अगर कोई फंसा हो तो उसे निकाला जा सके।

बजता रहा इमरजेंसी अलार्म
ट्रेन में इमरजेंसी अलार्म लगा है। घटना के बाद से ही वो बजना शुरू हो गया था। अभी तक उसकी आवाज आ रही है। वहीं एसी के डिब्बे इस हादसे में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। उसकी सभी खिड़कियों में कांच का इस्तेमाल होता है, ऐसे में घटनास्थल पर हर ओर कांच ही कांच नजर आ रहा।

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