छत्तीसगढ़

बीजापुर नक्सली हमले में छह और नक्सलियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर

बीजापुर.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2021 में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में हुए घातक हमले से संबंधित मामले में मंगलवार को छह और नक्सलियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया, जिसमें 22 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। मामले में अब तक एनआईए द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए गए आरोपियों की कुल संख्या 46 हो गई है। एनआईए ने जानकरी देते हुए बताया कि आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने पांच जून 2021 को मामला दर्ज किया था, और पिछले साल दिसंबर में 23 आरोपियों के खिलाफ अपना मूल आरोप पत्र दायर किया था, इसके बाद जुलाई 2023 में 17 और लोगों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया था।

इससे पहले नक्सलियों ने नक्सल प्रभावित जिले में जवानों पर हमला किया था। तीन अप्रैल 2021 में सुकमा और बीजापुर जिलों की सीमा पर नक्सलियों ने घात लगाकर जवानों पर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में 22 जवान शहीद हुए थे। जबकि कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 21 मार्च, 2020 को नक्सलियों ने सुकमा जिले में हमला किया था। सुकमा भी छत्तीसगढ़ का नक्सल प्रभावित जिला है। सुकमा जिले के मिनपा इलाके में नक्सली हमले में 17 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। जिसके बाद से लगातार जिले में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

सुकमा में जिले में नक्सलियों ने 24 अप्रैल, 2017 को बड़ा हमला किया था। बुरकापाल हमले में हुए हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे। इश हमले में कई जवान घायल भी थे। नौ अप्रैल, 2019 को दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। एक नक्सली विस्फोट में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी और चार सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। इस हत्या कांड की जांच के लिए आयोग का गठन किया गया था।

छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नक्सली हमला साल 2010 में हुआ था। 2010 में ताड़मेटला (तब दंतेवाड़ा में) में हुए सबसे बड़े नक्सली हमले में 76 जवान शहीद हो गए थे। यह हमला भी टीसीओसी के दौरान अप्रैल माह में हुआ था।

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