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अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान मणिपुर मुद्दे पर बहस, लोकसभा सदस्यों ने पेश की साहित्यकारों की मिसाल

नई दिल्ली
लोकसभा सदस्यों ने पिछले दो दिनों में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान मणिपुर मुद्दे को उठाते हुए अपने तर्क रखने के लिए साहित्य से बड़े पैमाने पर उद्धरण दिए। इनमें भारतीय कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर से लेकर अंग्रेजी के महान साहित्यकार विलियम शेक्सपियर तक शामिल हैं।
 

चर्चा के दौरान शेक्सपियर के जूलियस सीजर का सबसे अधिक उल्लेख किया गया, सदस्यों ने अपनी बात के समर्थन में अंग्रेजी कवि जॉन डोने और जॉन मिल्टन की रचनाओं का भी हवाला दिया। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने अमेरिकी मार्टिन लूथर किंग का हवाला देते हुए कहा, कहीं भी अन्याय हर जगह न्याय के लिए खतरा है। द्रमुक के टीआर बालू ने थिरुक्कुरल से उद्धरण दिया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने 13वीं सदी के फारसी कवि रूमी का जिक्र करते हुए कहा कि वह दिमाग से नहीं बल्कि दिल से बोलेंगे। द्रमुक के टीआर बालू ने थिरुक्कुरल से उद्धरण दिया।

उन्होंने अपनी टिप्पणी में कृष्ण और उनकी शिक्षाओं का भी जिक्र किया। भौतिकी के पूर्व प्रोफेसर और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत राय ने शेक्सपियर के जूलियस सीजर, रवींद्रनाथ टैगोर और आध्यात्मिक कवि जान डोने का हवाला दिया।

राकांपा नेता सुप्रिया सुले ने भी मणिपुर मुद्दे पर अपना रुख समझाने के लिए साहित्यिक कार्यों का इस्तेमाल किया। उन्होंने जान मिल्टन के महाकाव्य का उद्धरण दिया। भाजपा सदस्य हिना गावित ने स्वामी विवेकानंद का उद्धरण दिया।

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