छत्तीसगढ़

शिक्षा में मुसलमानों की नामांकन दर घट रही, बस्तियों में पालक नहीं भेज रहे बच्चों को स्कूल

भिलाई

भारतीय युवा विद्यार्थियों के संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक आगेर्नाइजेशन ऑफ इंडिया (एसआईओ) और  सेंटर फॉर एजुकेशन एंड रिसर्च एंड ट्रेनिंग (सीईआरटी) की संयुक्त पहल के तहत  राष्ट्रव्यापी पहल शिक्षा संवाद के अंतर्गत राउंड टेबल मीट का आयोजन सुपेला भिलाई में किया गया। इस बैठक में मुख्य अतिथि डॉ. रोशन मुहिद्दीन (राष्ट्रीय सचिव, एसआईओ) थे। बैठक की अध्यक्षता साजिद अली (अध्यक्ष, एस.आई.ओ. छत्तीसगढ़) ने की।

इस दौरान डॉ. रोशन मुहिद्दीन ने कहा, हाल ही में आई ' ऑल इंडिया सर्वे फॉर हायर एजुकेशन (एआईएसएचई)

 

सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट से मालूम पड़ता है कि मुस्लिमों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 8 फीसदी की खतरनाक गिरावट दर्ज की गई है, जो लगभग 180,000 छात्र है, इस मामले में सरकार से यह सवाल करते है कि इस गिरावट की वजह क्या है और इस मामले पर सरकार कि तरफ से किस तरह के प्रयास किए जाएँगे की इस गिरावट में सुधार हो।इस कार्यक्रम में भिलाई-दुर्ग के कई शिक्षाविदों ने उपस्थिति दर्ज करायी और छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी कुछ समस्याओं का जिÞक्र किया।

आइडियल पब्लिक स्कूल के कमेटी मेम्बर अब्दुल कादिर ने कहा, दुर्ग-भिलाई की मुस्लिम बस्तियों में बच्चों के अभिभावकों में यह रुझान नहीं देखा जा रहा है कि उनके बच्चे शिक्षा की तरफ बढ़े, जिसके कारण इन बच्चों के सरकारी स्कूलों में भी  नामांकन नहीं होते है। इन अभिभावकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाना काफी अहम काम है, जिसके लिए जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।

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