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लोकसभा चुनाव में भाजपा से कैसे लड़ेगी सपा? अखिलेश यादव ने दिया PDA फॉर्मूला

नई दिल्ली
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने "अस्सी हराओ, बीजेपी हटाओ" का नारा देने के कुछ दिनों बाद शनिवार को 2024 के लोकसभा चुनावों में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए अपनी रणनीति का खुलासा किया है। लखनऊ में संबोधित करते हुए उन्होंने पीडीए फॉर्मूला दिया है। पीडीए का मतलब पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक से है। उन्होंने दवा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को उत्तर प्रदेश में हरा देंगे।

अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि उनका हमेशा से यह मानना रहा है कि जिस राज्य में जो भी विपक्षी दल मजबूत है उसके हासिब से सीटों का बंटवारा तय किया जाना चाहिए। विपक्षी एकता के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जब उनका विचार पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र नारा है, "अस्सी हराओ, भाजपा हटाओ''। आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुमाव में समाजवादी पार्टी को सिर्फ पांच सीटों पर जीत मिली थी। उनमें से दो रामपुर और आजमगढ़ है, जहां उपचुनाव में भाजपा को जीत मिली है।

2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन से जुड़े सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा, "समाजवादी पार्टी हमेशा एक ईमानदार और मिलनसार गठबंधन सहयोगी रही है। सपा जहां भी गठबंधन में रही है, आपने हमें सीटों को लेकर लड़ने के बारे में नहीं सुना होगा।'' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि यह विकास लाने में विफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है।

समजावादी पार्टी युवाओं पर फोकस कर रही है। पार्टी ने अंडर-40 प्रतिनिधियों को शॉर्टलिस्ट किया है। इन्हें युवाओं को सपा से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक अन्य नेता ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के रोडमैप के अनुसार, जमीनी स्तर पर सपा की उपस्थिति को और अधिक स्पष्ट करने के लिए प्रत्येक बूथ पर कम से कम 10 नए कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाना है। इसलिए पार्टी यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटों पर इसी तरह की कवायद कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी कैडर को लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने और उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा की विचारधारा के बारे में जागरूक करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। सपा नेता का कहना है कि आरएसएस और भाजपा ने हिंदुत्व के आधार पर "फूट डालो और राज करो" की नीति अपनाई है।

 

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