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24 साल पहले कराची में उड़ता रहा मुशर्रफ का विमान, पढ़ें नवाज के तख्तापलट की इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली

हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारत ने कारगिल युद्ध (Kargil War) में पाकिस्तान (Pakistan) को हराकर जीत का परचम लहराया था। यह युद्ध 1999 में मई और जुलाई के बीच लड़ा गया था। भारतीय सेना (Indian Army) के हाथों करारी हार के महज 78 दिनों के अंदर पाकिस्तान में सैन्य तख्तापलट हो गया। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी और परवेज मुशर्रफ (Parvej Musharraf) नए राष्ट्रपति बने। आखिर पाकिस्तान में सैन्य तख्तापलट कैसे हुआ, मुशर्रफ के विमान को लैंड क्यों नहीं करने दिया गया… आइए इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं..

जब घंटों हवा में मंडराता रहा मुशर्रफ का विमान
कारगिल युद्ध में भारत के हाथों हार मिलने के बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ के बीच रिश्तों में दरार आ गई थी। शरीफ हार के पीछे मुशर्रफ को जिम्मेदार मान रहे थे, जबकि मुशर्रफ का मानना था कि उन्हें सरकार से मदद नहीं मिली। मुशर्रफ से शरीफ किस कदर नाराज थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने श्रीलंका से कराची आ रहे उनके विमान को लैंड नहीं करने दिया था।

पाकिस्तान में कब और कैसे हुआ तख्तापलट?
दरअसल, पाकिस्तान में तख्तापलट 12 अक्टूबर 1999 को हुआ था। इससे पहले, शरीफ ने मुशर्रफ को एक समारोह में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान का प्रतिनिधि बनाकर श्रीलंका भेजा था, लेकिन जब वे पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस जेट से वापस कराची पहुंचे तो उनके विमान को लैंड नहीं करने दिया गया।

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