मध्य प्रदेश

प्रदेश के स्कूलों में नशीली मादक पदर्थों की रोकथाम के लिए बनेंगे प्रहरी क्लब

भोपाल

प्रदेश के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में नशीली दवा और मादक द्रव्यों की रोकथाम के लिए प्रहरी क्लब गठित किए जाएंगे। ये क्लब स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को मादक द्व्यों और नशीली दवाओं के उपयोग से होने वाले नुकसान की जानकारी देंगे और उन्हें इससे बचने के लिए जागरुक करेंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों के प्राचार्यो को स्कूलों में शाला प्रहरी क्लब का गठन करने के निर्देश दिए है।  स्कूलों के आसपास की दुकानों पर अक्सर नशे की सामग्री बिकने की शिकायतें आती है। इसके अलावा स्कूली बच्चें अपने मित्रों और परिचितों की संगत में आकर भी नशा करने लगते है। स्कूलों में गठित होंने वाले ये प्रहरी क्लब स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बीच से ही गठित किए जाएंगे।  ये क्लब बच्चों को नशा न करने के लिए प्रेरित करने का काम करेंगे।

नशे में लिप्त बच्चों को इससे बचाने के लिए नशा मुक्ति केन्द्रों में भिजवाने और उन्हें नशा छोड़ने के लिए उचित राह दिखाएंगे। सभी स्कूलों के प्राचार्यो को कहा गया है कि वे निर्धारित प्रपत्र पर प्रहरी क्लब गठन कर उसकी जानकारी तत्काल भेजें।

समग्र शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न क्ल्बस के लिए राशि दी जाती है प्रहरी क्लब के गठन के लिए इस राशि का उपयोग किया जा सकेगा। यह प्रहरी क्लब स्कूलों में बच्चों और स्कूलों के आसपास की दुकानों, खेल मैदानों के आसपास नजर रखेगा। यदि यहां अवांछित तत्व नशे की सामग्री बेचते पाए जाते है तो शाला प्राचार्य और शिक्षकों को इसकी जानकारी यह क्लब देगा।

स्कूली बच्चों को नशीली दवा एवं मादक द्र्रव्यों की रोकथाम हेतु शाला में प्रहरी क्लबों का गठन किया जाएगा इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियोें और नोडल प्राचार्यो, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण को निर्देश जारी किए गए है।
-केके द्विवेदी, संचालक लोक शिक्षण मध्यप्रदेश

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