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वीगन फूड का प्रचार करने वाली सैमसोनोवा की मौत, 10 साल से पका भोजन नहीं खाया

मॉस्को

आजकल लोग फिट रहने के विए वीगन डाइट का खूब इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि हर शख्स को फिट रहने के लिए कुछ खास चीजों की जरूरत होती है। हाल में ही कई सालों से कच्चे आहार के दम पर रहने वाली फूड इन्फ्लुएंसर झन्ना सैमसोनोवा की मौत हो गई। वह सोशल मीडिया पर काफी फेमस थीं और बड़ी संख्या में लोग उनको फॉलो करते थे। कई सालों से वह कच्ची सब्जियां और फल ही खा रही थीं। रूस की रहने वाली सैमसोनोवा सोशल मीडिया पर भी कच्चे भोजन को बढ़ावा देती थीं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मौत भूख की वजह से हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक झन्ना डी आर्ट के नाम से सोशल मीडिया पर फेमस इन्फ्लुएंसर साउथ ईस्ट एशिया की यात्रा पर थीं और इसी दौरान वह बीमार पड़ गईं। इसके बाद उन्हें इलाज करवाना पड़ा। बीते करीब एक दशक से वह कच्चा खाना ही खाती थीं। उनकी एक दोस्त ने बताया, कुछ महीने पहले श्रीलंका की यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। वह काफी सुस्त पड़ गई थी। उसके पैर  सूज गए थे। इसके बाद उसे इलाज के लिए वापस घर भेज दिया गया लेकिन वह फिर से भाग निकली। जब हमने उसे फुकेट में देखा तो स्थिति और भी डरावनी हो गई थी।

सैमसोनोवा की मां ने बताई मौत की वजह
सैमसोनोवा की मां ने कहा कि उनकी बेटी की मौत कॉलरा जैसे किसी इन्फेक्शन हो से गई है। हालांकि मौत के आधिकारिक कारण का खुलासा अभी नहीं किया गया है। उनकी मां ने कहा ऐसा लगता है कि बहुत ज्यादा थकावट और पूरी तरह से कच्चा वीगन खाना खाने की वजह से शरीर पर काफी दबाव बड़ रहा था। इसी वजह से उनकी मौत हो गई।

न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक सैमसोनोवा की एक नजदीकी दोस्त ने कहा कि कई सालों से वह केवल ड्यूरियन, कटहल और मांस की तरह दुर्गंध वाला एक फल खाया करती थी। सैमसोनोवा ने कहा था, मैं देखती हूं कि मेरा शारीर और दिमाग रोज ही बदल जाता है। मैं अपने आप में नयापन देखकर खुश होती हूं। सैमसोनोवा के वीडियो में देखा जा सका है कि वह काफी कमजोर हो गई थीं।

 

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