राजनीतिक

146 सांसदों का निलंबन लोकतंत्र की हत्या, BJP को लोगों की भावनाओं का सम्मान नहीं : सिद्धरमैया

कर्नाटक
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि लोकसभा और राज्यसभा से 146 सांसदों का निलंबन लोकतंत्र की हत्या है और यह ‘‘तानाशाही प्रवृत्ति'' दर्शाता है। कांग्रेस ने संसद की सुरक्षा में चूक मामले पर केंद्र से जवाब मांगने पर सांसदों के निलंबन के विरोध में बेंगलुरु में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्यों को संसद से दूर रखकर महत्वपूर्ण कानून पारित किए गए।
 
सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लोकतंत्र कहां है? लोकतंत्र में सरकार को विपक्षी दलों को सुनना चाहिए। वह यह नहीं कह सकती कि उनकी बात नहीं सुनेगी। जनता ने चुने हुए प्रतिनिधियों को जनादेश दिया है, चाहे वह लोकसभा में हो या विधानसभा में। अध्यक्ष या अन्य किसी के पास इसे छीनने की शक्ति नहीं है।'' उन्होंने कहा कि एक बार में इतने सारे सदस्यों को निलंबित करने का कोई उदाहरण इतिहास में नहीं मिलता, यह ‘‘पहली बार है।''
 
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘ यह लोकतंत्र की हत्या है। वे लोगों की भावनाओं का सम्मान नहीं कर रहे हैं। ये तानाशाही प्रवृत्ति है। वे सभी को दूर रखकर कानूनों में संशोधन कर रहे हैं और विधेयक पारित कर रहे हैं। यह क्या दर्शाता है? इससे साफ पता चलता है कि यह सरकार तानाशाह है।'' इस बीच बेंगलुरु में उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डी के शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा को संविधान विरोधी और तानाशाह बताते हुए नारे लगाए।

 

Related Articles

Back to top button