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मैलवेयर से बचने के लिए फोन के ऐसे ऐप को तुरंत करें अनइंस्टॉल

नई दिल्ली

इंटरनेट की दुनिया काफी हसीन होती है। लेकिन यह दुनिया कई सारे फ्रॉड से भरी पड़ी है, जो आपको बड़े आर्थिक नुकसान में पहुंचा सकता है। कैस्परस्की की एक रिपोर्ट के ऐसे ही तीन मैलवेयर का जिक्र किया गया है। यह मैलवेयर हैं – डार्कगेट, इमोटेट और लोकीबॉट. इन मैलवेयर को यूजर डेटा चोरी करने के लिए जाना जाता है।

डार्कगेट मैलवेयर स्ट्रेन
इस साल जून 2023 में डार्कगेट नामक एक नए लोडर की खोज की गई है, जो वीएनसी, विंडोज डिफेंडर, ब्राउजर, रिवर्स प्रॉक्सी और डिस्कॉर्ड टोकन चोरी में शामिल रहे हैं। डार्कगेट में मैलेशियस कोडिंग की जाती है, जिससे बाद इसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इंस्टॉल कर दिया जाता है।

इमोटेट मैलवेयर स्ट्रेन
इमोटेट एक बॉटनेट है, जिसे साल 2021 में हटा दिया गया था। हालांकि इसकी दोबारा से एंट्री हुई है। इस मैलवेयर की एक्टिविटी हाल ही में रिकॉर्ड की गई है।

लोकीबॉट मैलवेयर स्ट्रेन
इसका इस्तेमाल मालवाहक जहाज कंपनियों को टारगेट करने के लिए डिजाइन किया जाता है। यह किसी भी संवेदनशील जानकारी को चुराने का काम करता है। इस मैलवेयर को पहली बार 2016 में स्पॉट किया गया था। यह मैलवेयर ऐप्स लॉगिन क्रेडेंशियल चुराने का भी काम करता है।

फोन हैकिंग के सकेंत
अगर आपके फोन में कोई ऐसा ऐप मौजूद हैं, जिसे आपने डाउनलोड नहीं किया हैं, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें, क्योंकि यह ऐप आपके फोन से जानकारी चोरी कर सकता है।
अगर आपकी डिवाइस स्लो हो जाएं, तो इसका एक संकेत यह भी होता है कि आपकी हैकिंग हो रही है, क्योंकि हैकिंग के दौरान कई गैरजरूरी ऐप बैकग्राउंड में चलते रहते हैं।
अगर आपके फोन की बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो रही है, तो भी संकेत है कि आपका डिवाइस हैकर्स के निशाने पर है, क्योंकि हैकिंग के दौरान फोन की बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है।

अगर फोन ज्यादा हीट हो रहा हैं, तो मतलब है कि बैकग्राउंड में स्पाईवेयर चल रहे हैं, जो आपकी जासूसी कर सकता है।

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