आधी कीमत में महिलाओं के नाम होगी प्रॉपर्टी, UCC ड्राफ्ट पर साय कैबिनेट का फैसला, प्रदेश की तस्वीर बदलने वाला कदम

आधी कीमत में महिलाओं के नाम होगी प्रॉपर्टी, UCC ड्राफ्ट पर साय कैबिनेट का फैसला, प्रदेश की तस्वीर बदलने वाला कदम
महिलाओं के नाम प्रॉपर्टी होगी आधी कीमत में, UCC ड्राफ्ट पर साय कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला
UCC ड्राफ्ट पर साय कैबिनेट का बड़ा फैसला: महिलाओं को मिलेगी आधी कीमत पर प्रॉपर्टी, प्रदेश की तस्वीर बदलने की दिशा में कदम
रायपुर
छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने एक ही झटके में प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक दिशा बदलने वाले दो बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी है। बुधवार को रायपुर में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने UCC यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए हाई-लेवल कमेटी के गठन और महिलाओं के लिए प्रॉपर्टी रजिस्ट्री शुल्क में 50% कटौती का ऐलान किया। इसका उद्देश्य राज्य में कानूनों में एकरूपता लाना और महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिलाने में मदद करना है, जिसे ड्राफ्ट तैयार कर विधानसभा में पेश किया जाएगा।
UCC के लिए रंजना देसाई फॉर्मूला
छत्तीसगढ़ सरकार ने वही रास्ता चुना है जो उत्तराखंड ने अपनाया था। रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी नागरिकों, कानूनी विशेषज्ञों और संस्थाओं से सीधा संवाद करेगी। एक समर्पित वेब पोर्टल के जरिए जनता की राय ली जाएगी। इसका मकसद शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में धर्म-आधारित व्यक्तिगत कानूनों को खत्म कर एक समान कानून लाना है।
खजाने पर 153 करोड़ की चोट
कैबिनेट ने महिलाओं के लिए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की छूट को मंजूरी दी है। हालांकि, इससे सरकारी खजाने पर 153 करोड़ रुपये का सालाना बोझ पड़ेगा, लेकिन सरकार इसे खर्च नहीं बल्कि निवेश मान रही है। प्रशासन का तर्क है कि इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के नाम पर संपत्ति का स्वामित्व बढ़ेगा, जो लंबे समय में सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
2026 के बड़े मिशन की तैयारी
UCC का मुद्दा सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरा राजनीतिक महत्व रखता है। रंजना प्रकाश देसाई वही जस्टिस हैं जिन्होंने उत्तराखंड के UCC ड्राफ्ट में मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्हें छत्तीसगढ़ की कमान सौंपना यह साफ करता है कि सरकार बिना किसी देरी के एक सटीक और कानूनी रूप से मजबूत मॉडल चाहती है। वहीं, रजिस्ट्री में छूट देना एक चतुर आर्थिक दांव है, जो मध्यम वर्ग की महिलाओं को सीधे तौर पर सरकार से जोड़ता है। यह कदम विपक्षी दलों के लिए महिला कार्ड और सांप्रदायिक कार्ड दोनों को एक साथ फेल करने की रणनीति जैसा है।
- छत्तीसगढ़ में UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित।
- जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में जनता और विशेषज्ञों से ली जाएगी राय।
- महिलाओं के लिए प्रॉपर्टी रजिस्ट्री फीस अब आधी होगी, जिससे मालिकाना हक बढ़ेगा।
- राजस्व में ₹153 करोड़ की कमी के बावजूद इसे सामाजिक निवेश बताया गया।
- कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी के बाद विधानसभा में विधेयक के रूप में लाया जाएगा।



