छत्तीसगढ़

एचपीवी टीकाकरण में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला बना प्रदेश में अव्वल

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा  बालिकाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित जनकल्याणकारी स्वास्थ्य अभियानों का सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 17 जुलाई को आयोजित विशेष टीकाकरण दिवस पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। यह उपलब्धि राज्य सरकार की दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति, प्रभावी कार्ययोजना तथा स्वास्थ्य विभाग की सुदृढ़ कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण है।

राज्य सरकार बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। एचपीवी टीकाकरण जैसी पहल भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रत्येक पात्र बालिका तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।

13 से 18 जुलाई तक आयोजित विशेष एचपीवी टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाकर सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने का अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर  विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में अभियान की शुरुआत विकासखंड गौरेला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चुकतीपानी से की गई।

राज्य स्तर से जिले को 3,893 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। विशेष टीकाकरण दिवस पर जिले के 74 विद्यालयों में चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य अमले की उपस्थिति में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान लगभग 809 बालिकाओं का ऑनलाइन तथा 1,100 बालिकाओं का ऑफलाइन पंजीकरण एवं टीकाकरण किया गया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने राज्य में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर नई उपलब्धि दर्ज की।

अभियान की सफलता में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास  गोपेश मनहर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सा अधिकारी, शिक्षकों तथा विद्यालय प्रबंधन का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ।

स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विद्यालय आधारित टीकाकरण अभियान के माध्यम से बालिकाओं और उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम तथा टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रभावी प्रयास भी है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को प्राथमिकता तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का यह परिणाम है कि प्रदेश में स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावी ढंग से सफल हो रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और यह दर्शाती है कि स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

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