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वाराणसी में फिलहाल एक्टिव केस नहीं, फिर भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; अस्पतालों में विशेष इंतजाम

वाराणसी 
 यूपी के वाराणसी में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा-एच1एन1) पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। अब शासकीय अस्पतलों में सोमवार से फ्लू की अलग ओपीडी चलेगी। इसके साथ ही इन मरीजों के एंट्रेस भी अलग होंगे। इनके इलाज के लिए अस्पतालों में 125 बेड रिजर्व किए गए हैं। स्वाइन फ्लू मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर और उनकी देखरेख में लगे फ्रंट लाइनर को एच-1एन-1 का टीका भी लगेगा। जिससे उनकी सुरक्षा हो सके। इसके साथ ही सभी डॉक्टरों को अलर्ट किया गया है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण के मरीज मिले तो तत्काल उनकी जांच कराएं।

बनारस में अप्रैल से अब तक स्वाइन फ्लू के सिर्फ चार मरीज मिले हैं। ये सभी स्वस्थ्य हो चुके हैं। जिले में इस समय सक्रिय केस कोई भी नहीं है। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। दूसरे जिले में स्वाइन फ्लू के मामले को देखते हुए यहां पर हमारी टीम अलर्ट है।

उन्होंने बताया कि बीएचयू में 25, मंडलीय, जिला और एलबीएस अस्पताल में 15-15 बेड रिजर्व किए गए हैं। इसके साथ ही सीएचसी में भी तीन-तीन बेड रिजर्व हैं। उन्होंने कहा कि बीएचूय में स्वाइन फ्लू की आरटीपीसीआर जांच हो रही है। जिसमें भी लक्षण दिख रहा है, वे वहां पर जांच कराएं। उन्होंने कहा कि निजी पैथोलॉजी को भी सख्त निर्देश दिया गया है कि स्वाइन फ्लू जांच में मनमाना पैसा मरीजों से न लें। अगर शिकायत मिली तो सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की आवश्यक जानकारी निर्धारित पोर्टल पर समय से अपलोड की जाए।

ऐसे करें बचाव
– खांसते और छींकते समय नाक एवं मुंह को ढकें।

– साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं अथवा हैंड सैनेटाइजर का प्रयोग करें।

– बुखार, खांसी अथवा अन्य श्वसन संबंधी लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।

– संक्रमित या बीमार व्यक्ति के संपर्क में न आएं।

– इस्तेमाल किए गए टिश्यू को खुले में न फेंकें।

– पर्याप्त आराम एवं तरल पदार्थ का सेवन करें।

– चिकित्सकीय परामर्श के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें।

ये हैं लक्षण
बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर एवं मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान एवं कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में उल्टी अथवा दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

खांसने, छींकने से फैलता है
सीएमओ ने कहा कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने अथवा बोलने के दौरान निकलने वाली श्वसन बूंदों के संपर्क में आने से इसका संक्रमण फैल सकता है। इसलिए बीमारी के लक्षणों की समय से पहचान और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।

ऑक्सीजन प्लांट चेक किए गए
जिले में 22 ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह के निर्देश पर शनिवार दोपहर में इनकी जांच हुई। साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, मास्क, सेनेटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है।

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