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नसीरुद्दीन शाह के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर परेश रावल का तंज, बोले- सबको अपनी बात कहने का हक

मुंबई 

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर से सरकार के खिलाफ बयान देने के कारण चर्चा में है। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों का समर्थन करते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया और खुद को 'दिमागी नक्सल' बताया। उनके इस कमेंट पर अब बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच एक्टर परेश रावल ने भी नसीरुद्दीन शाह बयान पर अपनी राय रखते हुए इसे उनकी निजी राय बताया।

नसीरुद्दीन शाह को लेकर क्या बोले परेश रावल?
परेश रावल ने कहा, 'देखिए, मैं एक बात बता दूं आपको, नसीर भाई की अपनी राय है। मैं उसके बारे में कुछ नहीं बोल सकता। सबको सही है, अपना-अपना जो महसूस करते हैं, वो बोलने का। बस मैं इतना ही कहूंगा।' इसके साथ ही ये सवाल पूछे जाने पर अभिनेता ने कहा, 'मैं काफी देर से देख रहा था कि कब आ रहा है ये सवाल।'

नसीरुद्दीन शाह ने कहा, मैं गर्व से कहता हूं कि मैं एक 'दिमागी नक्सल' हूं
बता दें कि सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए, JNU के पुराने विरोध प्रदर्शनों से इसकी तुलना की और 'राष्ट्र-विरोधी' (Anti-National) और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसे शब्दों के बारे में भी बात की।

अपने वीडियो में उन्होंने कहा, "मैं गर्व से कहता हूं कि मैं एक 'दिमागी नक्सल' हूं। 'दिमागी नक्सल' के अलावा, पता नहीं 'चौकीदार' ने मुझ जैसे लोगों को और क्या-क्या नाम दिए हैं, जैसे 'राष्ट्र-विरोधी', 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' वगैरह-वगैरह। अगर इस देश में कोई 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' है, तो वह यह नाजायज सरकार है।"

अभिनेता का यह बयान, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में हुए राजनीतिक विवाद के दौरान दिए गए उनके पिछले बयान के बाद आया है। अभिनेता ने BJP पर आरोप लगाया है कि वह असहमति जताने वालों के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है, और उन्होंने नागरिकों से छात्रों का समर्थन करने की अपील की है।

सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में कब शुरू हुआ राजनीतिक विवाद
जानकारी के लिए बता दें कि कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में राजनीतिक विवाद तब शुरू हुआ, जब 27 सितंबर 2026 को कैंपस में एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों और RSS से जुड़ी 'अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत' के सदस्यों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों और कथित हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया। छात्रों ने प्रशासन पर उनकी सुरक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए, वाइस-चांसलर संतोष अजमेरा के इस्तीफे की मांग की।

बाद में, संस्थान ने कथित दुर्व्यवहार के आरोप में 6 छात्रों को सस्पेंड कर दिया, जिसे छात्र संघ ने चुनौती दी। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और फिल्म निर्माता पायल कपाड़िया तथा आनंद पटवर्धन ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया। BJP ने दिग्गज अभिनेता की इस टिप्पणी की आलोचना की, जबकि प्रशासन ने आरोप लगाया कि बाहरी ताकतों ने इस आंदोलन का राजनीतिकरण कर दिया है। देश भर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों ने जोर पकड़ लिया है।

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